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Mejar Dhyan Chand per Nibandh in Hindi - ध्यान चंद पर निबंध

Read about the eassy on the great hockey Player Dhyan Chand .Here given some line about Dhyan Chand for educational purpose. हाकी के प्रसिद्ध खिलाड़ी ध्यान चंद का जीवन परिचय हिंदी मे दिया जा रहा है। ध्यान चंद जन्म 29 अगस्त 1905 को इलाहाबाद मे हुआ था। इनके पिता सेना मे सामान्य रंगरूट थे। इनकी आर्थिक स्थिती ठीक न होने के कारण इनकी स्कूली शिक्षा सामान्य ढंग से ही हो सकी। इनके परिवार का रहन सहन बहुत सामान्य था। बचपन से ही इन्हें हाकी का खेल बहुत पसंद था। आर्थिक परेशानियों के चलते इन्हें भी सेना मे नौकरी करनी पडी, वही इन्होने सेना की टीम मे खेलना प्रारंभ किया। तब यह केवल 16 साल के थे। 1926 मे इन्हें न्यूजीलैंड भेजा गया। वहाँ इन्होंने उत्कृष्ट खेल का प्रदर्शन किया। यह एम्सटर्डम ओलंपिक मे हालैड गए औऱ भारतीय टीम मे खेलकर स्र्वण पदक प्राप्त किया। 1932 मे लास एंजेल्स ओलंपिक मे भी देश की टीम मे स्र्वण पदक प्राप्त किया। 1936 मे बर्लिन ओलंपिक मे भी देश की टीम मे स्र्वण पदक प्राप्त करके टीम के कप्तान भी बने। लगातार तीन स्र्वण पदक प्राप्त करने के बाद इन्हें हाकी का जादूगर कहा जाने लगा। ...

Jachcha Geet (Sita Thadi Pachhtave) in hindi - सीता ठाडी पछतावे

Read about the jachch in hindi. Here given some line of jachch. 'सीता ठाडी़ पछतावे' नामक जच्चा की पंक्तिया हिंदी मे दी जा रही हैं। *सीता ठाडी़ पछतावे* सीता ठाडी़ पछतावे लव कुश वन मे हुए। जा वन मे कोई दाई न आवे । जा वन मे कोई सासुल न आवे। ललना लेती जनवाय लव कुश वन मे हुए। चरूये लेती चढ़वाय लव कुश वन मे हुए। सीता.............................. ( इसी तरह सब के नाम लेते जाये)

Bhagini Nivedita ka Eassy in Hindi - भगिनी निवेदिता का निबंध

Read about the eassy on Bhagini Nivedita.Here given some knowledge for educational purpose about Bhagini Nivedita. भगिनी निवेदिता पर निबंध, व उनका जीवन परिचय हिंदी मे दिया जा रहा हैं। निवेदिता का अर्थ है--- ईश्वर को समर्पित। भगिनी निवेदिता का बचपन का नाम मारगेट था।इनका जन्म 28 अक्टूबर, उत्तर आयरलैंड के टायरोन प्रान्त के डन्गानान नामक एक छोटे से उपनगर मे हुआ था।इनके पिता का नाम सेम्युअल नोबल तथा माता का नाम मेरी हैमिल्टन था। 1884 मे इन्होंने अपनी शिक्षा पूरी कर ली औऱ केसि्वक के एक स्कूल मे शिक्षिका के रुप मे कार्य करने लगी। 1893 मे स्वामी विवेकानंद जी ने शिकागो मे आयोजित सर्वधर्म सम्मेलन मे अपना प्रेरणादायक भाषण देकर करोड़ों अमेरिकन नागरिकों का दिल जीत लिया था।अपने प्रवचन के बीच स्वामी ने कहा-- आज संसार को ऐसे बीस पुरुषों तथा बीस महिलाओं की जरूरत है,जो जनसेवा के लिए अपने आप को समर्पित कर दे। स्वामी जी की प्रेरणा पर मारगेट ने अपना जीवन स्वामी जी को सौंप दिया। 28 जनवरी 1898 को मारगेट भारत आई। स्वामी रामकृष्ण परमहंस ने मारगेट का नाम बदलकर 'निवेदिता' रख दिया। 13ज...

Importance of Ramnavmi in Hindi - राम नवमी का महत्व

Read about the importance of Ram Navami. Here given some line about Ram Navami. राम नवमी का महत्व नीचे हिंदी मे दिया जा रह हैं। चैत्र शुक्ल की नवमी तिथि को पुनर्वसु नक्षत्र व कर्क लगन मे कौशल्या की कोख से भगवान श्री राम का जन्म हुआ था।यह दिन पुण्य त्योहार के रुप मे मनाया जाता हैं।इस दिन पुण्य सलिल सरयु नदी मे स्नान करके के पुण्य लाभ कमाते हैं।

डोला माछर मारीये - Ratjage ka Subah ka geet, Machhar in Hindi

Read about the ratjage ka geet .Here given some line of marriage song 'Dola Machhar Mariye'. विवाह मे सुबह के समय गाया जाना वाला गीत माछर की पंक्तियाँ दी जा रही हैं। * माछर * माछर मारो मालुये जाकी धमक भयी है अजमेर, डोला माछर मारीये। जा माछर की खाल को राधा कृष्ण को सिंगार होय, डोला माछर मारीये। जा माछर की खाल को अऊत प्रेतन कू सती सुहागिल कू चुँदरी होये, डोला माछर मारीये। जा माछर की खाल को दई देवतन कू बागो होय, डोला माछर मारीये। जा माछर की खाल को दादा ताऊ चाचन कू कुरता होय, डोला माछर मारीये। जा माछर की खाल की दादी ताई चाचीन कू चूँदरी होये, डोला माछर मारीये। जा माछर की खाल की सवासीन कू टोपी होये, डोला माछर मारीये। जा माछर की खाल की भातयीन कू लंगोटी होये, डोला माछर मारीये।

Eknath Rande Par Nibandh in Hindi - एकनाथ रानडे पर निबंध, व जीवन परिचय

Read about the jivani of Eksath Rande .Here given some knowledge about Eksath Rande for educational purpose. एकनाथ रानडे का जीवन परिचय हिंदी मे दिया जा रहा हैं। एकनाथ रानडे का जन्म 19 नवंबर 1914 को अमरावती जिले के टिटिला नामक गांव मे हुआ था। गांव मे स्कूल न होने के कारण उनकी शिक्षा उनके बडे भाई के घर नागपुर मे हुई। वहीं इनका संघ से परिचय हुआ। 1936 मे शिक्षा पूरी करने के बाद वे प्रचारक के रूप मे मध्य प्रदेश मे गये। एक नाथ रानडे जी ने निर्वासित हिन्दू बन्धुऔ का पुनर्वसन करने के लिए संघ ने कलकत्ता मे "वास्तुहारा सहायता समिति" की स्थापना की। संघ के कार्यवाह के नाते काम करते समय विवेकानंद शताब्दी महोत्सव का अवसर आया। केरल मे प्रसिद्ध समाज सेवी व नायर समुदाय के नेता श्री मन्नथ पदमनाभन के नेतृत्व मे कन्याकुमारी स्थित "विवेकानंद राक मैमोरियल समिति" की स्थापना की। परम पूजनीय श्री गुरु जी ने एक नाथ रानडे को इस कार्य के लिए नियुक्त किया। इन्होने धनराशि एकत्र की औऱ स्वामी विवेकानंद राष्टीय स्मारक का स्वप्न साकार हुआ। 22 अगस्त 1982 को गणेश चतुर्थी के दिन इनका निधन हो गय...

Ratjage ka Subah ka Geet 'Dudh' in Hindi - एक भरी सरईया दूध की जाये

Marriage song, ratjage ka subah ka geet,(Dudh),(रतजगे का सुबह का गीत)in hindi * दूध * एक भरी सरईया दूध की जाये राधा कृष्ण तुम मुख धोय। कै दूती बोलेगी।। लाला रिगड़ रिगड़ दाँतुन करो त्यारे होटन पे नागर पान। कै दूती बोलेगी।। एक भरी सरईया दूध की जा मे दई देवता तुम मुख धोय। कै दूती बोलेगी।। लाला रिगड़ रिगड़ दातुन करो त्यारे होटन पे नागर पान। कै दूती बोलेगी।। एक भरी सरईया दूध की जा मे अऊत प्रेत मुख धोय। कै दूती बोलेगी।। एक भरी सरईया दूध की जा मे सती सुहागल तुम मुख धोय। कै दूती बोलेगी।। एक भरी सरईया दूध की जा मे बाबा ताऊ चाचा तुम मुख धोय। कै दूती बोलेगी।